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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति की खेती की जमीन पहले के मुकाबले इतनी कम क्यों हो रही है, इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है ,और क्यों Why are the agriculture land of SC,ST becoming so much less than before,Whose hand is behind it,

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति की खेती की जमीन पहले के मुकाबले इतनी कम क्यों हो रही है, इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है ,और क्यों Why are the agriculture land of SC,ST becoming so much less than before,Whose hand is behind it,

sc.st agriculture lands

एग्रीकल्चर सेन्सस बुआई( Agriculture lands of sc st )हेतु जमीन के 2015-16 में कुछ आँकड़े अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कृषि जोतों के देखिए.

1980-81 में SC के पास 69.24 लाख सीमांत जोतें थीं, जो 2015-16 में बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई. इसी दौरान SC की बड़ी जोतों की संख्या 95000 से घटकर केवल 48000 रह गई. SC की औसतन खेती का साइज़ 1.16 हेक्ट से घटकर 0.78 हेक्टयर रह गई हैं .

1980-81 में ST अनुसूचित जन जाति के लोगों की 27.28 लाख सीमांत बड़ी जोतें थीं, जो 2015-16 में बढ़कर 71.25 लाख हो गई हैं . इसी दौरान ST की बड़ी जोतों की संख्या 2.34 लाख से घटकर केवल 95001 रह गई. ST की खेती का औसतन साइज़ 2.46 हेक्टयर से घटकर 1.41 हेक्टयर हो गई हैं, .

कृषि भूमि का 79.21% हिस्सा अन्य समयदायों के पास है. SC के पास 8.54%, ST के पास 11.27% है.

भूमि आयोग को ठीक से न लागू करने का रिजल्ट है यह. दोबारा भूमि आयोग के गठन की जरूरत है ताकि भूमि का समान वितरण हो सके. समान वितरण के मांग होनी चाहिए! टीम मेम्बर लेखक — SUNIL T KAGDA


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