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कानून के सरक्षण में भारतीय शेल्टर होम में हवस का खेल चल रहा हैं , under the protection of law, a game of lust is going on in the indian shelter home

कानून #के #संरक्षण #में #हवश #का #खेल—-


पूरा मामला कुछ यूं–
कानपुर स्वरूपनगर स्तिथ संवाशिनी गृह में स्वस्थ्य विभाग की टीम कल कोरोना जाँच करने पहुँची

जहाँ 57 संवाशिनिओ को कोरोना संक्रमित पाया गया हैं
जाँच करने के दौरान ही,बेहद चौका देना वाला मामला सामने आया हैं

संवासिनी गृह की दो किशोरिया जो महज 17 साल की हैं,
गर्भवती पाई गईं हैं, जाँच करने के दौरान पता चला हैं कि दोनों एक किशोरी 8 महीने की गर्भवती हैं
तो दूसरी साढ़े 8 महीने की हैं
डॉक्टरों ने चेकअप करने के बाद पाया गया हैं कि दोनों
किशोरियों के प्रसव के लक्षण अभी नही आये हैं
किशोरियों को गर्भावस्था के कारण कानपुर जच्चा बच्चा हॉस्पिटल रेफर किया गया हैं…..
जाँच में यह भी पता चला हैं,की एक किशोरी एचआईवी
पॉजिटिव व् दूसरी को हेपेटाइटिस सी से संक्रमित हैं

आला अफसरों का कहना हैं कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नही हैं
वही (सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने संवाशिनिओ के गर्भवती होने की जानकारी से इंकार किया हैं)

नोट——-कुछ सवाल●●●●●●●●●●●???????
1—–सीएमओ ने जानकारी से क्यों इनकार किया
2—-आला अफसरों का कहना हैं कि उन्हों कोई जानकारी नही हैं(जब भी कोई घटना होती हैं, अफसरों का यही जवाब रहता हैं, हमे कोई जानकारी नही हैं, इस तरह बड़ी आसानी से आला अफसर जवाबदेही से बच जाते हैं)
3–क्या दोनों किशोरिया मानसिकरुप से विक्षिप्त हैं, जो उन्हें खुद नही पता,की गर्भधारण कब कैसे या किस स्थित में हुआ
4—क्या दोनों किशोरियो को मुह बंद रखने के लिए बोला गया हैं●●●●●●●●●
5—संवासिनी गृह में बाहरी व्यक्तियो का आना जाना नही
संवासिनी गृह में तैनात व्यक्ति या सम्बंधित लोग ही आ जा सकते हैं●●●●●●●●●
6—कानून के संरक्षण में कोई खेल तो नही चल रहा हैं
Most important question _ 7__यह घटना पहली घटना नही हैं,इस तरह के मामले बालिका गृह व् संवासिनी गृह से पहले भी आ चुके हैं
8_____क्या रक्षक ही भक्षक हैं●●●●●●●●●

9—8 महीने व् साढ़े 8 महीने की किशोरिया गर्भवती थीं, इतने महीने का गर्भ होने पे गर्भावस्था बिलकुल से दिखती हैं
आखिर संवासिनी गृह में कार्ययत लोगो का ध्यान क्यों नही गया…….●●●●●●●●?????

👉👉 इस तरह की घटनाओं के बाद सवाल यह उठता हैं,की आखिर स्त्रियां सुरक्षित कहा हैं
जब कानून की नजर में पहरे में रहते हुए,सुरक्षित नही हैं
तो और कही किसी जगह सुरक्षित होने का सवाल ही पैदा नही होता हैं●●●●●●●●
स्री हर जगह लूटी जा रही हैं
कानून के पहरे नजर में भी
और बाहर भी
फिर न्याय कौन देगा
सुरक्षा कौन देगा
किससे रखी जाये न्याय की उम्मीद,

कानपुर संवासिनी गृह मा,मला” 2 नही 7 संवासिनी हैं प्रग्नेंट
सम्बंधित लोगो का कहना हैं कि लड़कियां पहले से ही प्रग्नेंट थी●●●●●●●●
अब सवाल यह हैं,की अगर वह पहले से प्रग्नेंट थीं, वो किन हालातों में वह गर्भवती हुई
और उनकी जाँच क्यों नही की गई●●●●●●●

अगर उनके साथ बलात्कार हुआ,और बलात्कार के बाद लाई गई,इस दौरान वह प्रग्नेंट हुई,तो क्या उन्हें गर्भपात का ऑप्शन दिया गया जो,उनका क़ानूनी अधिकार हैं●●

【कही ऐसा तो नही की इसलिए उनका गर्भपात नही कराया गया ,और न ही संक्रमित संवाशिनिओ का इलाज की कही
बाहर जाने पर किसी बड़े खेल से परदा न उठ जायें】

【दो संवासिनी एक 8 और दूसरी साढ़े 8 महीने की गर्भवती हैं
यानि की डिलीवरी होने का समय नजदीक हैं
इन किशोरियो से जन्मे बच्चो का क्या किया जाता
क्या उन्हें किसी कूड़े के ढेर में या फिर मार दिया जाता】

(या यह बोलकर किसी बड़े रहस्य पे पर्दा डाला जा रहा हैं
और सभी संवासिनी चुप क्यों हैं)

【इस तरह की घटनाओं के उजागर होने पर
सम्बंधित लोगो का हमेशा सिर्फ एक ही जवाब रहा हैं
हमे जानकारी नही…..
ऐसा ही इस मामले में भी हो रहा हैं, सम्बंधित लोगो ने पहले कहा कि हमे कोई जानकारी नही हैं
अब कहना हैं, की सातो प्रग्नेंट संवासिनी पहले से ही प्रग्नेंट थी
सम्बंधित लोगो का यह जवाब गले नही उतरता हैं】

====सवाल तो बहुत हैं, पर सवालों के जवाब देने वाले सम्बंधित लोग हमेशा इस तरह की घटनाओं से यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, की हमे कोई जानकारी नही हैं

यह कैसा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान हैं
“अब यह अभियान मात्र हास्यपद ही लगता हैं””””””””

सीमा देशप्रेमी लेखक


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