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A Poor strong Indian cricketer, engineer youngs biography एक गरीब मजबूत भारतीय क्रिकेटर,इंजीनियर यूवा की जीवनी

A Poor strong Indian cricketer, engineer youngs biography                                                                 एक गरीब मजबूत भारतीय क्रिकेटर,इंजीनियर यूवा की जीवनी

Biography Story

Who will challenge accept tell me

मैं एक भावनात्मक प्राणी हूँ……. मैं इससे आजतक बाहर नहीं निकल पाया हूँ……….. अखबार बेचकर, ईंट के भट्टों में कामकर, सड़क पर मजदूरी करके, धान बीन कर, मखान के खेतों में काम करके दसवीं तक पढाई लिखाई की ….. दसवीं के बाद Arts पढ़ने लगा… उसके बाद क्रिकेटर बनने के लिए दिल्ली भाग गया और उदय भान क्रिकेट अकादमी में पैर पकड़कर दाखिला ले लिया….. रात में काम करता और दिन में क्रिकेट खेलता……न खेल हो पा रहा था और न काम में मन लग रहा था……

फिर दिल्ली से घर भाग आया और बारहवीं Arts से देने के लिए तैयार था……….. लेकिन कुछ कमीने दोस्तों (जिन्हें #दसवीं में मैं #न्यूटन लगता था) के बहकावे में आकर बिहार के भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था का लाभ उठाकर SCIENE से बारहवीं का परिक्षा छह महीने की तैयारी में दे दिया…. उम्मीद से बेहतर प्रथम श्रेणी से 12वीं पास कर लिया……

एक शिक्षक के कहने पर IIT और STATE Engineering का फार्म भर दिया…. दोनों में अच्छा प्रदर्शन था…. बस डर था Engineering College जाने के बाद Back logg न लग जाये क्योंकि 11वीं पूरा नील बट्टा सन्नाटा था मेरा…. फिर खुद ही अगले तैयारी में लग गया और BASE को मजबूत करने लगा…. न कोटा न दिल्ली न पटना कहीं न जा सका आर्थिक स्थिति के कारण…….. मेरे कुछ शिक्षक का मार्गदर्शन जरूर रहा लेकिन तैयारी खुद से की… ….. इस बार IIT तो नहीं हुआ लेकिन State Engineering में अच्छा रैंक आ गया….. और सीधे Civil Engineering रखकर Darbhanga College of Engineering में दाखिला ले लिया जो बिहार के कुछ बेहतरीन Engineering College में से आता है….

चार साल का टोटल काॅलेज फीस 16 हजार रुपये जो अपने बजट में था…. फिर 1.5 लाख रुपये Student Loan लिया जिसके सहारे पढाई लगभग पूरी हो गई…….. अब मुझे लगता है मैं IIM से MBA IIT से M-Tech,Foreign से PhD और UPSC में भी पहुंच सकता हूँ….. जिनके कारण बहुत ज्यादा Confused रहता हूँ…. फिर घर की स्तिथि को देखता हूँ तो नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटकने का रास्ता खोजता हूँ….. जिसके कारण आत्महत्या का भी कभी-कभी ख्याल आने लगता है……….

प्रेम सिर्फ एक बार हुआ है उसके अलावा दो बार सिर्फ आकर्षण हुआ है….. जिसे प्रेम नहीं कह सकते…… दो लडकियां जिनके प्रति आकर्षण था बहुत समझदार और विश्वासी लडकी थी……. मैं उसे पसंद करता था और वह भी बहुत मुझे पसंद करती थी……. उसे मैं प्यार नहीं कह सकता हूँ…….

मेरा यौन उत्पीड़न करने का भी कोशिश हो चुका है एक महिला के द्वारा…… यह तब की घटना है जब मैं दिल्ली त्रिनगर के भाटिया जीम में जूनियर कोच के तौर पर काम कर रहा था… उस वक्त मेरी उम्र मात्र 14-15 साल रहा होगा…….

सेक्स संबंध मैं अब तक दो बार बना चुका हूँ….. फोन सेक्स 7-8 दफा कर चुका हूँ….

नशा का जहां तक बात रहा तो बचपन में गाय चराने वक्त दो चार घूंट सिगरेट का मार लेता था…. पेशेवर नशेड़ी कभी नहीं था….. फिर भी गांजा भांग का बचपन में बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया था…….. अब यह नशा छोड चुका हूँ……बस कभी-कभी सिगरेट और ड्रिंक लेता हूँ जब फ्रस्ट्रेशन का शिकार होता हूँ……

मैं कई खेलों को अच्छे तरह से खेलना जानता हूँ सिवाय किसी के दिल के साथ खेलने के……. मुझे गाली नहीं आती है जिसके कारण मुझे कोई भी इंसान गाली देता है तो सिर्फ मैं कान से सुन लेता हूँ…….

Engineering College में लडकियां मेरी बजट से बाहर थी जिसके कारण कभी दिल भी नहीं गया किसी पर…… हां एक लड़की है मेरे ब्रांच की जिसे मैं अब भी बहुत पसंद करता हूँ क्योंकि वह दूसरों बच्चों की बहुत मदद करती है परीक्षा हाल में ……. वह मेरे एक अच्छे दोस्त की गर्लफ्रेंड है…… मतलब की वह लड़की दिल है तो दोस्त मेरा धडकन है….. शायद उस लड़की को यह भी पता नहीं कि मैं उसे पसंद करता हूँ…….वैसे कॉलेज में मैं बैक बैंचर रहा हूँ…….. लेकिन इसके बावजूद मैं सबकुछ कर सकता हूँ……. मुझे मेरी खामी पता है और वह यह कि समय को महत्व नहीं दे रहा हूँ पिछले दो तीन सालों से……

फेसबुक मैं 2016 से चलाना शुरू किया….. कट्टर हिंदुत्व से होते हुए गांधी अंबेडकर मार्क्स की तरफ बढ़ा…… यह सब फेसबुक के ही कारण हुआ…. बहुत अच्छे दोस्त भी बने इन विचारों के कारण……. तो कुछ अपने भी दुश्मन बन बैठे इन विचारों के कारण……. मैं स्वाभिमानी सैद्धांतिक और थोड़ा जिद्दी इंसान हूँ जिसके कारण मैं कई लोगों से फेसबुक पर ब्लाक या अनफ्रेंड हो चुका हूँ……….

सोशल मीडिया का उपयोग मैंने हद से भी ज्यादा कर लिया है…… अब मुझे लगता है यह सब छोड़ना पडेगा और मंजिल पर पहले पहुंचना पड़ेगा…….

मैं अपनी जीवनी का कोई पन्ना शेयर नहीं करना चाहता था लेकिन आप दोनों दोस्तों
लोकी के चैलेंज के कारण कुछ पन्ने शेयर किया हूँ…….. बहुत लंबी है मेरी इस छोटी सी उम्र की दास्तां…… इसलिए अब बंद कर रहा हूँ…… कभी कुछ बन गया तो आप सबों को और भी कुछ अंजान पहलूओं से रूबरू कराऊंगा…….

मैं किसी दोस्तों को यह चैलेंज नहीं दूंगा
क्योंकि
मेरा मानना है भूतकाल में कुछ ऐसी पीड़ा होती है जिसे सबके सामने शेयर नहीं किया जा सकता है………. सिर्फ बंद कमरे में आँसूओं से चादर को पाटा जा सकता है,

नोट- -कोई भी इस जीवनी की कहानी को किसी भी विडिओ ,फिल्म इत्यादि में प्रयोग न करे , हमारी अनुमति देने के बाद ही प्रयोग करे , धन्यवाद

I am an emotional creature ……. I have not been able to get out of it till date ……….. by selling newspapers, working in brick kilns, laboring on the road, paddy harvesting, makhan He worked in the fields and wrote studies till tenth…. After tenth, he started studying arts… After that he went to Delhi to become a cricketer and took admission in Uday Bhan Cricket Academy… .. Night I used to work and play cricket during the day …… I could not play nor did I feel like working ……

Then came home from Delhi and was ready to give from the twelfth arts ……….. But some bastard friends (who I used to think #Newton in # X), got corrupt education system of Bihar Taking advantage of the class XII examination from SCIENE gave preparation for six months…. Better than expected, passed 12th class from first class ……

On the instruction of a teacher, I filled the form of IIT and STATE Engineering …. Both of them had a good performance …. Just afraid that after going to Engineering College, there would be no back logg because the 11th was the perfect Neel Batta silence . Then he got himself into the next preparation and started strengthening the BASE …. Neither Kota nor Delhi nor Patna could not go anywhere due to the financial situation …….. Some of my teachers definitely had guidance but the preparation itself I did not get IIT this time but got a good rank in State Engineering ….. and got admission in Darbhanga College of Engineering by directly placing Civil Engineering in some of the best engineering colleges in Bihar. Comes from ….

Four years total college fee was Rs 16 thousand which was in my budget …. Then took a student loan of 1.5 lakh rupees, with which the studies were almost completed …….. now I think I am from IIM to MBA IIT I can also reach M-Tech, PhD from abroad and UPSC ….. due to which I remain very confused …. then I look at home, then I find a way to wander around in search of job. ….. Due to which suicide is sometimes thought of ……….

Love has happened only once, in addition to it, there has been attraction only twice… .who cannot be called love…. Two girls who had attraction towards them were very intelligent and confident girls …… Loved her and she loved me too ……. I can’t call her love …….

I have also been tried for sexual harassment by a woman …… It is an incident when I was working as a junior coach in Bhatia Gym, Delhi Trinagar… At that time my age was only Must have been 14-15 years …….

I have had a sex relationship twice so far ….. I have had phone sex 7-8 times ….

As far as intoxication was concerned, in childhood, cow used to beat two or four cigarettes while grazing a cow… Never was a professional addict… yet he used cannabis cannabis very much in childhood…. …. I have given up this addiction now … just occasionally take cigarettes and drinks when I am a victim of friction ……

I know how to play many games well except to play with someone’s heart ……. I do not abuse, due to which any person abuses me, then only I listen with ear … ….

Girls were out of my budget in Engineering College, due to which, I have never lost heart on anyone …… Yes there is a girl in my branch whom I still like very much because she helps other children a lot. In ……. she is the girlfriend of a good friend of mine …… means if the girl is a heart then the friend is my friend ….. maybe that girl doesn’t even know that I like her I do ……. Well in college I have been a back bencher …….. but still I can do everything ……. I know my drawback and that is the time I am not giving importance to the last two to three years ……

I started running on Facebook in 2016… .. through hardcore Hindutva, Gandhi moved towards Ambedkar Marx… it all happened due to Facebook… because of these ideas that became very good friends too. …… because of these thoughts, some have become enemies of their own …… I am a self-respecting theoretician and a little stubborn person due to which I have been blocked or unfriended by many people on Facebook…. ……

I have used social media more than the extent …… Now I think I will have to leave all this and reach the floor first ……

I did not want to share any page of my biography but you two friends have shared some pages due to the challenge of Loki Prem …….. My story is very long ….. Therefore, I am now shutting down …… .If I ever become something, I will introduce you to more unknown aspects ……

I will not give this challenge to any friends
Because
I believe that there is some such pain in the past that cannot be shared in front of everyone ……. Only in a closed room can the sheet be covered with tears…
Note – Do not use the story of this biography in any video, series, etc. Use it only after obtaining our permission.

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