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INDIAN Railways is going to be private ,

INDIAN Railways is going to be private ,

privatenism in railway


रेलवे ने आज घोषणा की है कि वो अपनी 5% ट्रैन को निजी हाथों में सौंप रहे है। 2023 तक नई ट्रेनों को निजी छेत्र पूरी तरह से संचालित करेगा, तब तक सरकार व निजी छेत्र मिलकर ट्रैन संचालित करेंगे।

यह 5% शुरुआत है, यह 5% से 51% कब होगा, आपको पता भी नही लगेगा। वास्तव में मैने 26 जून को ही इसपर लिख दिया था, जिसमे बताया था कि जिस समय भीड़ से भरी बसे चल रही है, उस समय रिजर्व डब्बो वाली ट्रेन जानबूझकर नही चलाई जा रही क्योंकि घाटे में दिखाकर निजीकरण की शुरुआत की जाएगी। मेरे लेख के 5 दिन बाद ही इसकी घोषणा हो भी गयी।

जो वर्तमान में नौकरी पर है उन्हें फर्क नही पड़ेगा लेकिन नई भर्ती पर रोक लगाई गई है। एक साल से जो ग्रुप डी व क्लर्क को पोस्ट की तैयारी कर रहे है क्योंकि एक साल पहले इन दोनों का विज्ञापन आया था, वो अब आराम कर सकते है। चाय-पकोड़े की दुकान खोल सकते है।

मेने 26 जून को यह लिखा था कि;


लॉकडाउन मात्र दिखावे के लिए रह गया है. क्युकी;

1.रोड पर पहले की तरह ही भीड़ है.
2.मास्क भी केवल कुछ लोग ही पहने हुए दिखेंगे.
3.व्यापार वगैरह, सभी कुछ चल रहा है.
4.जो मजदूर आये थे उनमे से अधिकतर वापस जा रहे है.

फिर भी;

“ट्रेन को चलाने में अगस्त तक रोक लगा दी गयी है”

मेरा व्यक्तिगत मानना है की;

“लॉकडाउन में रेलवे को काफी नुकसान हुआ, क्युकी;

मोदी सरकार से पहले रेलवे 90 रूपये खर्च करके 100 तक कमाता रहा.
लेकिन वर्ष 2018 तक यह रेश्यो 98.44 रूपये खर्च करके 100 रूपये कमाने तक पर आ गया है. लेकिन पिछले चार माह से रेल नही चल रही है, लेकिन खर्चा हो ही रहा है. इससे इस बार सरकार को मौका मिल गया है यह बताने का की रेलवे घाटे में चल रही है. इससे ऐसा माहोल बनाएंगे की रेलवे को प्राइवेट करना जरूरी है”

नही तो निम्न उपायों से रेल चलाई जा सकती है;

१.सामान्य डिब्बे खत्म करके.
2.केवल कन्फर्म रिजर्वेशन वाला ही स्टेशन में प्रवेश करे.
३.स्टेशन में प्रवेश से पहले उसकी स्कैनिंग की जाए.

इसके अलावा;

“किराया भी बढाना चाहिए. जिससे घाटे को कम किया जा सके”

बाकी कई उधोगपति रूपी “गिद्दो” की नजर रेलवे पर काफी पहले से ही है, अब उनकी नजरे और तेज हो जाएगी.

वैसे अगर वास्तव में यह होता है तो इसे ही;

“आपदा को अवसर में बदलना कहा जाएगा”


Railways today announced that they are handing over 5% of their trains in private hands. By 2023, the new trains will be fully operated by the private sector, till then the government and private sectors will jointly operate trains.

This is the beginning of 5%, when it will be 5% to 51%, you will not even know. In fact, I wrote on this on 26th of June, in which I said that while the crowded bus is running, at that time, the train with the Reserve Dubbo is not being intentionally because the loss will start by privatization. It was announced 5 days after my article.

Those who are currently on the job will not mind but new recruitment has been banned. For one year, those who are preparing for the post to Group D and Clerk, because the advertisement of these two came a year ago, they can rest now. You can open tea-fritters shop.


The lockdown is left for display only. because;

  1. The crowd is as crowded as before.
  2. Mask will also be seen wearing only few people.
    3.Business, etc., everything is going on.
  3. Most of the workers who came, are going back. still; “Running the train has been banned till August” I personally believe that; “The railway suffered a lot in lockdown, because; Before the Modi government, the Railways continued to earn up to 100 by spending Rs. 90.
    But by the year 2018, this ratio has come down to earning Rs 100 after spending Rs 98.44. But the train has not been running for the last four months, but expenses are being incurred. This time the government has got an opportunity to tell that the railway is running in deficit. This will create an atmosphere that it is necessary to make the railways private. ” Otherwise, the rail can be run with the following measures; 1.By finishing the normal box.
  4. Only enter the station with confirmed reservation.
  5. Scanning should be done before entering the station. other than this; “Rent should also be increased. So that the deficit can be reduced” The rest of the industrialist “Giddo” is already on the railways for a long time, now their eyesight will become more sharp. Well if it actually happens then only this; “Disaster is said to turn into opportunity”

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